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अक्षरग्राम नेटवर्क

Fri 09 May, 2008

Faceless Maverick द्वारा 08:54 pm (IST) पर
चिट्ठा : Faceless Maverick
कितनी भाग दौड़ रहती है बड़े शहरों में ? शोर की इन्तहा हो गई है। इस शोर में कानों को कुछ भी सुनाई देना बंद हो गया है। क्या यह शोर किसी सन्नाटे की दस्तक तो नही ? मशीनों की तरह भागते मनुष्य, मशीने नही तो फिर और क्या है?
दीपक भारतदीप द्वारा 08:51 pm (IST) पर
मेरे मित्र और उड़न तश्तरी ब्लाग के लेखक श्री समीर लाल वाकई हिंदी ब्लाग जगत के उत्थान के लिए प्रयत्नशील हैं इसमें कोई संदेह नहीं है। वह मेरे ब्लागों पर सबसे अधिक टिप्पणी रखने वाले व्यक्ति हैं और मैं हृदय में उनके प्रति आत्मीयता का भाव रखता हूं पर उसका
VIDYUT MAURYA द्वारा 08:45 pm (IST) पर
चिट्ठा : लालकिला
पानीपत को इतिहास में तीन बड़ी लड़ाइयों के लिए जाना जाता है। तब मैं दैनिक जागरण के लुधियाना संस्करण में कार्यरत था जब मुझे पानीपत में काम करने का मौका मिला। दिल्ली के पास और एक ऐतिहासिक स्थल इसलिए मैंने हां कर दी। यहां मेरे एक पुराने वकील दोस्त
कर्मचारी द्वारा 08:43 pm (IST) पर
बढ़ते तनाव, प्राइवेट सेक्टर की अपेक्षा बेहद कम तनख्वाह और सुविधाओं के चलते अब अफसरों को सेना रास नहीं आ रही है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब रक्षा मंत्री ऐ.के. एंटनी ने राज्यसभा में सेना छोड़ रहे अधिकारियों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से 2007
मेनका द्वारा 08:32 pm (IST) पर
चिट्ठा : सुरभि
एक पहाड़, एक चट्टान, एक विरानगी, क्या-क्या कहते है उसे| अनगिनत नामों से उसे पुकारें| वो जो रास्ते मे खड़ा है, पत्थरों का ढ़ेर बना है| सिने मे उसके, दफन हैं, कई जख्म जैसे| कभी पड़े खून के छीटें, कभी चलीं तलवारें, समय की मार उसे मिली, मिली उसे,
शिरीष कुमार मौर्य द्वारा 08:29 pm (IST) पर
चिट्ठा : अनुनाद
आप सभी को मेरी पुरानी कवितायेँ पसंद आ रही हैं ! इसलिए १९९४ की ये एक और कविता ......... शोकसभा में यह समय घनीभूत पीड़ा का है और झुके हुए सिर इसकी गवाही दे रहे हैं तूफान से पहले की नहीं तूफान के बाद की शांति है ये अवसाद के
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' द्वारा 08:25 pm (IST) पर
चिट्ठा : *KHAZANA*
"विवाह में बढ़ा न डालें किंतु बाल विवाह न होनें दें...!" हमारे आपके सामने हो जाते हैं बाल विवाह और हम आप हैं कि कन्यादान में बाधा न डालने के धर्म भीरू संकल्प को लेकर खामोश रहतें हैं।हमारी यही भीरू प्रवृत्ति से सामाजिक स्वास्थ्य एवम सामाजिक सूचकों को नकारात्मकता दिशा
Ila's world, in and out द्वारा 08:23 pm (IST) पर
चिट्ठा : hamare pets
आप इस पोस्ट का शीर्षक देख कर अवश्य ही चौंक गये होंगे.बुद्धू हमारे कछुए का नाम है.अब आप कहेंगे ये क्या नाम हुआ भला?इसके मिलने की कहानी भी दिलचस्प है. ५ साल पहले, हम लोग कार के द्वारा उदयपुर से जयपुर जा रहे थे.सितम्बर का महीना था, थोडी थोडी
todaykhabar द्वारा 08:17 pm (IST) पर
चिट्ठा : टुडेख़बर
दिल्ली डेयरडेविल्स के जबड़े से जीत खींचकर एक बार फिर विजयपथ पर लौटी महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स और शुरुआती झटकों के बाद सफलता के घोडे़ पर सवार युवराज सिंह की किंग्स इलेवन पंजाब शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग की अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंचने के लिए जोर
todaykhabar द्वारा 08:13 pm (IST) पर
चिट्ठा : टुडेख़बर
कर्नाटक के 11 जिलों की 89 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को होने वाले प्रथम चरण के मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान सुबह 7:00 बजे से शाम पांच बजे तक होगा। पुलिस महानिदेशक आर श्री कुमार ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के दक्षिणी क्षेत्र
बलबिन्दर द्वारा 08:05 pm (IST) पर
इंसान जब खाने को चबाता है तो वह उसकी खुशबू और जायके को महसूस भी करता है। अब फ्रांस के शोधकर्तायों ने रोबोटनुमा 'मुंह' बनाने में कामयाबी पाई है, जो इंसान के मुंह की तरह काम करता है। यह खाने को चबा सकता है और उसके जायके का अहसास भी
सरोकार पर्यावरण से द्वारा 07:54 pm (IST) पर
एक वृक्ष भी बचा रहे.... अंतिम समय जब कोई नहीं जाएगा साथ एक वृक्ष जाएगा अपनी गौरयों -गिलहरियों से बिछुड़ कर साथ जाएगा एक वृक्ष अग्नि में प्रवेश करेगा वह मुझसे पहले कितनी लकड़ियाँ लगेगी ? श्मशान की टाल वाला पूछेगा ग़रीब से ग़रीब भी सात मन तो लेता ही
mahendra mishra द्वारा 07:50 pm (IST) पर
चिट्ठा : समयचक्र
सारा गाँव शास्त्रीय संगीत का दीवाना पाश्चात्य संगीत की बढ़ती घुसपैठ के कारण युवा पीढ़ी का रुझान पाश्चात्य संगीत की बढ़ रहा है इसके बाबजूद एक ऐसा भी गाँव है जहाँ के बच्चो से लेकर बूढे तक शास्त्रीयसंगीत के लिए तन-मन-धन से समर्पित है या एक प्रकार से सारे गाँव
डॉ. श्रीकृष्ण मित्तल द्वारा 07:43 pm (IST) पर
मोहन की बंसुरिया बाजे रे- मोरे चित में मयुरिया नाचे रे दिखत नाही बुझात नाही मटकत जात गोपियन को खिज्जात रे मन भटकत, जिया अकुलात सखी विरह सहा नाही ज़ात वेग से मिलत श्याम मानु उपकार तोरा प्यारी रे पड़गई शाम - आवेंगे श्याम मैं तो हुई बाँवरी प्यारी
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava द्वारा 07:30 pm (IST) पर
चिट्ठा : आयुषवेद
डॉक्टर साहब,मेरी दांयी किडनी में ४X५ मिमी. की पथरी है जिसके कारण बहुत दर्द होता रह्ता है दर्द कभी तेज और कही धीमा रहता है किन्तु बंद नहीं होता। कोई आयुर्वेदिक उपचार बताइये। सतीश कुमार जी सतीश भाई,पहले तो माफ़ी चाहता हूं कि आपको भाषा की समस्या में उलझा दिया
satyendra... द्वारा 07:30 pm (IST) पर
सत्यव्रत मिश्र अभी हाल में साइबर स्पेस के एक बड़े नाम का 30वां जन्मदिन था। एक ऐसा नाम जिस सुन कई लोगों के पसीने छूट जाते हैं, तो कई लोगों का गुस्से सातवें आसमान को पार कर जाता है। एक ऐसा कुख्यात नाम जो कई लोगों की जीवन भर
द्वारा 07:18 pm (IST) पर
जब इंसानों के मरने जीने की चिंता न हो तो कछुओं की बात कौन करे. विकास के रास्ते जो आयेगा उसकी बलि ले ली जाएगी. उड़ीसा में बन रहे धामरा पोर्ट के रास्ते में कछुए आ गये तो कछुओं को एक-एक करके विकास के रास्ते से हटाया जा रहा है.
Padma Srivastava द्वारा 07:17 pm (IST) पर
चिट्ठा : Heal and Health
* यदि गर्भवती महिलाएं आम अधिक मात्रा में खायें, तो शिशु का रंग गोरा होगा। * चेहरे के सौंदर्य के लिये आम के रस में शहद एवं दूध मिलाकर चेहरे पर आधा घंटा लगायें और फिर स्नान करें। * रक्त की कमी को दूर करता है । * बाल झड़ने
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा 07:08 pm (IST) पर
द्विजेंद्र द्विज हमारी आँखों के ख़्वाबों से दूर ही रक्खे सवाल सारे जवाबों से दूर ही रक्खे सुलगती रेत पे चलने से कैसे कतराते जो पाँवों बूट—जुराबों से दूर ही रक्खे हुनर तो था ही नहीं उनमें जी—हुज़ूरी का इसीलिए तो ख़िताबों से दूर ही रक्खे तमाम उम्र वो ख़ुशबू
BARMERPOLICE द्वारा 07:07 pm (IST) पर
चिट्ठा : BARMER POLICE
दर्ज अपराध वृत बाडमेर *प्रार्थी श्री मोर नाथ पुत्र लक्ष्मन नाथ संत निवासी कतीयासर ने मुलजिम ट्रोलर न- पीबी ०४ जीएल ९८५४ के चालक द्वारा वाहन को तेज्गति व लापरवाही से चलाकर ट्रक न- आरजे ०४ जी ८२७२ के टक्कर मारना जिससे ट्रोलर के खलासी की म्रत्यु होना आदि का
Hindi Fun द्वारा 06:49 pm (IST) पर
खुदा करे के तुमको जुदाई न मिले कभी भी तनहाई न मिले मुझे एस एम एस न करो तो कुछ ऐसा हो कि मौसम हो सर्दी का और तुम्हें रजाई न मिले Khuda Karay K Tum Ko Judai Na Milay Kabhi Bhi Tanhai Na Milay Mujhay Sms Na Karo
yaksh द्वारा 06:45 pm (IST) पर
चिट्ठा : यक्ष प्रश्न
ट्रेन के बच्चे : "देख कर गरीबी वो मांग नही करते ! वरना, बडी शौकीन होती है, बचपन की उमर" विश्व के सर्व कालिक महानतम मनौवेज्ञानिक फ्राँयड ने बाल्यकाल की घटनाओ, वातावरण को व्यक्तित्व निर्माण में 70% उत्तरदायी माना है।बच्चे देश का भविष्य होते है।भारतीय रेल के जाल में
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा 06:34 pm (IST) पर
द्विजेंद्र द्विज परों को काट के क्या आसमान दीजिएगा ज़मीन दीजिएगा या उड़ान दीजिएगा हमारी बात को भी अपने कान दीजिएगा हमारे हक़ में भी कोई बयान दीजिएगा ज़बान, ज़ात या मज़हब यहाँ न टकराएँ हमें हुज़ूर, वो हिन्दोस्तान दीजिएगा रही हैं धूप से अब तक यहाँ जो नावाक़िफ़ अब
लोकेश द्वारा 06:31 pm (IST) पर
चिट्ठा : अदालत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि यदि कोई विवाहिता, पति की नपुंसकता से हताश होकर आत्महत्या करती है तो ऐसे अपराध के लिए नपुंसक पति भी कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा। यह निर्णय न्यायमूर्ति बरकत अली जैदी ने गौतमबुध्द नगर निवासी कुलदीप सिंघल की दूसरी जमानत अर्जी
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा 06:27 pm (IST) पर
द्विजेंद्र द्विज यह उजाला तो नहीं ‘तम’ को मिटाने वाला यह उजाला तो उजाले को है खाने वाला आग बस्ती में था जो शख़्स लगाने वाला रहनुमा भी है वही आज कहाने वाला रास्ता अपने ही घर का नहीं मालूम जिसे सबको मंज़िल है वही आज दिखाने वाला एक बंजर—सा
द्वारा 06:26 pm (IST) पर
चिट्ठा : Heal and Health
* यदि गर्भवती महिलाएं आम अधिक मात्रा में खायें, तो शिशु का रंग गोरा होगा। * चेहरे के सौंदर्य के लिये आम के रस में शहद एवं दूध मिलाकर चेहरे पर आधा घंटा लगायें और फिर स्नान करें। * रक्त की कमी को दूर करता है । * बाल झड़ने
आशीष खंडेलवाल द्वारा 06:10 pm (IST) पर
चिट्ठा : नेटशाला
(नीचे लिखीं लाइनें पढ़ने से पहले फिल्म ओम शांति ओम के गीत दर्द-ए-डिस्को की धुन को कंठस्थ करना जरूरी है) जिंदगी अब है मुश्किल भरी, हुई चीजें हैं महंगी बड़ी, आटें की कीमतें भी बढ़ीं हैं हैं दालें भी ऊंची चढ़ीं हर घर हारा, इसका मारा, बोले सब है कोई
आशीष खंडेलवाल द्वारा 06:07 pm (IST) पर
आपके ब्लॉग पाठकों की सुविधा के लिए आप अपने ब्लॉग का सर्च इंजन भी बना सकते हैं। वैसे तो ब्लॉगर पर सबसे ऊपर मौजूद नेविगेशन बार या नवबार में आपके ब्लॉग पर सर्च की सुविधा होती है, लेकिन इसका इस्तेमाल इतना आसान नहीं होता। अच्छा यह माना जाता है कि
खबरची द्वारा 06:01 pm (IST) पर
मुंबई में आम खाने की मजेदार प्रतियोगिता देखिये रायटर के इस वीडियो में।  30 प्रतियोगियों ने तीन मिनट में अधिक से अधिक आम खा कर दिखाने थे। जो जीता उसे इनाम में आम की एक पेटी और मिली खाने के लिये। यह प्रतियोगिता यहां चल रहे कोंकण महोत्सव का
चंद्रभूषण द्वारा 05:57 pm (IST) पर
चिट्ठा : कबाड़खाना
'ऐसी किसी भी सोचने वाली चीज पर भरोसा कभी मत करो, जिसके बारे में यह न पता हो कि उसका दिमाग कहां है।'- हैरी पॉटर ऐंड द चैंबर ऑफ सीक्रेट्स (संदर्भ- यह सूक्ति जिनी वीज्ली (जो सात खंडों की श्रृंखला के छठें खंड में हैरी पॉटर की प्रेमिका और सातवें
शशिकान्‍त अवस्‍थी द्वारा 05:34 pm (IST) पर
चिट्ठा : भड़ास
देखो भाई भडास की ताकत भड़ास पर पोस्‍ट डाले अभी तक 24 घण्‍टे भी नही बीते थे कि आज अपरान्‍ह तीन बजकर नौ मिनट पर दिल्ली से भड़ासी भाई राजीव रंजन का फोन आ गया कि वह भी इसी जिले से ही सम्‍बन्‍ध्‍ा रखते है और उन्‍होने वहां पर जाने
Ila's world, in and out द्वारा 05:31 pm (IST) पर
चिट्ठा : नारी
मै एक नारी हूं.बचपन से ही सुनती आयी हूं, नारी देवी के समान है.जब छुटपन में नवरात्रों की अष्टमी- नवमी के दिन कन्या के रूप में बुला कर पैर पूजे जाते थे, पैसे और उपहार दिये जाते थे तो सच में मुझे अपने लडकी होने पर बेहद गर्व होता था.लेकिन
Pankaj Parashar द्वारा 05:26 pm (IST) पर
चिट्ठा : ख्वाब का दर
उन्होंने बहुत प्यार से बिठाया, चाय पिलाई और कहा कि इंशाअल्लाह...हम आपको वीज़ा दे देंगे। इत्मीनान रखिये। यह कहकर उन्होंने वीज़ा के लिए एक फार्म भरवाया और मेरा पासपोर्ट रख लिया है-क्लीयरेंस और मुहर लगाने के लिए। इमकान है कि पीर यानी सोमवार तक वीज़ा मिल जाना चाहिये। इस
Pratyaksha द्वारा 05:22 pm (IST) पर
चिट्ठा : प्रत्यक्षा
कमल के विशाल फूल के अंदर चुकुमुकु बैठे बस एक चिंता थी । बडी गहरी चिंता । ये जो सफेद कपडे पहन रखे थे , सफेद मोज़े सब पर कमल के फूल का गुलाबी गेरुआ रंग लकीरें खींच रहा था । कल कुकी और बेबी को कैसे दिखाऊँगी ये झक्क
Rajesh Roshan द्वारा 05:19 pm (IST) पर
.... लगता है जाकर गाड़ी चलाने वाले से रोक कर पुछू, आप झारखण्ड में कहा से हैं??? JH-01 रांची में गाडियों का नम्बर प्लेट होता है, मतलब की गाडियों का रजिस्टेसन नम्बर। बड़ा अच्छा अच्छा सा लगता है। दिल्ली में रहते हुए ७ साल हो गए लेकिन अपनी मिटटी का
dushyant द्वारा 05:19 pm (IST) पर
माँ तेरे नेह से, दुलार से, ममता की फुहार से भीगता रहे ये जीवन, आज पुलकित है मन तेरी महानता के आगे, आज छोटा पड़ गया आसमां मन से नमन आज तेरा है माँ विधाता का रूप तू ही, सृष्टि का स्वरूप तू ही ईश्वर करे मुझ पर रहे,
दीपक धामेचा द्वारा 05:13 pm (IST) पर
चिट्ठा : नौसिखिया
by सआदत हसन मंटो बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि अख्लाकी कैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिन्दुस्तान के पागलखानों में हैं उन्हें पाकिस्तान पहुंचा दिया जाय और जो हिन्दू और सिख पाकिस्तान के
दीपक धामेचा द्वारा 05:08 pm (IST) पर
चिट्ठा : नौसिखिया
by हरिप्रसाद अवधिय& विनाश से सृजन की ओर-मुख मोड़ और चल, धूर्त-पथ त्याग कर,मानव मन बन निश्छल। विनाशिनी संहारिणी शक्ति-तेरी ही कृति का प्रतिफल, मोड़ दे अपनी दिशा,उत्फुल्ल कर शतदल कमल, कृत्रिम से प्रकृति उत्तमशान्त सुन्दर धवल, तो फिर ओ अशान्त मन,चल वापस, प्रकृति ओर वापस चल। Article Source:
द्वारा 05:05 pm (IST) पर
तारे गिन गिन कर कटी रजवाड़ों की रात पोलक ने दी शेन को सात विकेट मात सात विकेट मात नहीं चल पाए रायल इंच इंच कर दिए इंडियन उनको घायल दिव्यदृष्टि राजस्थानी सस्ते में हारे रजवाड़ों की रात कटी गिन गिन कर तारे और पढ़ें...5 views. 1.0 rating from 1
द्वारा 05:03 pm (IST) पर
कंगारू कप्तान ने खेल दिखाया मस्त सुपर किंग की टीम के हुए हौसले पस्त हुए हौसले पस्त , बनाई सूरत रोनी नहीं कर सके राज-काज कुछ गोनी धोनी दिव्यदृष्टि हो गया मलिन माही का मुखड़ा मिली दूसरी जीत घटा दक्कन का दुखड़ा। और पढ़ें...3 views. 1.0 rating from 1 votes.
जुड़िये गँठजोड़ मित्र समुदाय से! (gathjod.com द्वारा 05:01 pm (IST) पर
हिम ढँका तन, प्यार भरा मन
द्वारा 05:01 pm (IST) पर
कंगारू कप्तान ने खेल दिखाया मस्त सुपर किंग की टीम के हुए हौसले पस्त हुए हौसले पस्त , बनाई सूरत रोनी नहीं कर सके राज-काज कुछ गोनी धोनी दिव्यदृष्टि हो गया मलिन माही का मुखड़ा मिली दूसरी जीत घटा दक्कन का दुखड़ा। और पढ़ें...3 views. 1.0 rating from 1 votes.
द्वारा 04:58 pm (IST) पर
अपने ही घर में पिटे धोनी से सहवाग सुपरकिंग ने गजब का गाया मारू राग गाया मारू राग बजाया जमकर तबला नहीं चौधरी झेल सके थापों का हमला दिव्यदृष्टि दिखलाई हिम्मत अच्छी खासी दिल्ली का दम फुला गए फिर भी मद्रासी और पढ़ें...7 views. 1.0 rating from 1 votes.
ओमप्रकाश द्वारा 04:52 pm (IST) पर
चिट्ठा : हलफ़नामा
हम फिल्मों में काफी पहले से देखते आ रहे हैं कि जुड़वा भाईयों के बीच इतना प्यार होता है कि एक को मारे तो दूसरे को लगे। ऐसा ही कुछ रिश्ता हमारा अमेरिका के साथ हो गया है। खाएं हम पेट दरद हो उनका। अरे, अब ये दरद नहीं
रवीन्द्र रंजन द्वारा 04:40 pm (IST) पर
चिट्ठा : आशियाना
पहुंचते-पहुंचते लेट हो गया। ऑफिस के ही स‌हायक वर्मा की डेथ हो गई थी। मातमपुर्सी में जाना था। पहुंच गया। अंदर पहुंचते ही मरघट स‌ा स‌न्नाटा महसूस हुआ। बहरहाल, वर्मा के परिजनों स‌े मिलकर दुख प्रकट किया। जहां तक हो स‌का रोनी स‌ूरत बनाई, मुंह लटकाया। स‌भी स‌िर झुकाए बैठे
रचना द्वारा 04:35 pm (IST) पर
हर वो आँचल जहाँ आकर किसी का भी मन बच्चा बन जाये और अपनी हर बात कह पाए जहाँ तपते मन को मिलती हो ठंडक जहाँ भटके मन को मिलता हो रास्ता जहाँ खामोश मन को मिलती हो जुबाँ होता है एक माँ का आँचल कभी मिलता है ये आंचल
गिरीन्द्र नाथ झा द्वारा 04:28 pm (IST) पर
चिट्ठा : अनुभव
भवानीप्रसाद मिश्र की यह कविता आज पेश है, सचमुच कभी न कभी हर कोई चाहता होगा चोंगा उठा कर फेंकना ......आईये आज भवानीप्रसाद मिश्र के संग सत्य स्वीकारें। मैं असभ्य हूं क्योंकि खुले नंगे पांवों चलता हूं मैं असभ्य हूं क्योंकि धूल की गोदी में पलता हूं मैं असभ्य हूं
Piyush Choudhary द्वारा 04:20 pm (IST) पर
चिट्ठा : My poem collection
सास बहुत ध्यान से राम बनवास की कथा सुन रही थी बहु कथा की व्यथा मन ही मन गुन रही थी । सास ने पूछा --बहु जब राजमहल का सौभाग्य सुख था सीता के पास तो फ़िर सीताजी क्यों गई चौदह बरस बनवास ? बहु बोली "सासूजी " आपका प्रश्न
sunita yadav द्वारा 04:12 pm (IST) पर
चिट्ठा : हिन्द-युग्म
सम्मर कैंप से छुट्टी मिली ही थी कि महाराष्ट्र राष्ट्र भाषा सभा ,पुणे से बुलावा आ गया जी हाँ आप सभी के आशीर्वाद एवं शुभ कामनाओं को जो मैं अपनी झोली में समेटे जा रही थी.ये सच है कि मैं अपने आप को कवयित्री नहीं मानती हूँ ...फ़िर भी महाराष्ट्र
Piyush Choudhary द्वारा 04:12 pm (IST) पर
चिट्ठा : My poem collection
निहार कर तस्वीर तेरी हम फिर भी सोचने लगे एक बार फिर तुम निर्मम ही लगे । हम अपना दर्द बाट रहे थे और तुम हँसे जा रहे थे फिर पुराने भंवर में भटक जा रहे थे जहाँ धुधलेसे तुम नज़र आ रहे थे । प्यार उमड़ना भी चाह रहा

 

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